अध्याय 136

अमेलिया उसके शब्दों से काँप उठी। उसका चेहरा पीला पड़ गया और वह आगे एक शब्द बोलने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाई। उसने बस अपने होंठ ज़ोर से भींच लिए, इसाबेला को बाहों में और कसकर समेट लिया—हालाँकि उसकी आँखों की गहराई में नाराज़गी की एक झलक तड़पकर रह गई।

वह जानती थी, जेम्स जो कह रहा है, उसका मतलब वही है।...

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